
Lyrics
"क्या है आज़ादी?"
"होती है जंग क्या?"
कहती हैं आँखें मेरी
मिट्टी से अपने, अपनों के दम से
चलती हैं साँसें मेरी
मैंने मन से अपने पूछा
"क्या वतन की ख़ातिर करूँ?"
उसने पूछा, "क्या तू है सच्चा?"
"क्या वफ़ा है, बहादुर है तू?"
"क्या वफ़ा है, बहादुर है तू?"
हार है आसां, जीत है मुश्किल
मन को मनाती हूँ
सारे जहाँ में कौन है अपना?
किसको पराया कहूँ?
मैंने मन से अपने पूछा
"क्या वतन की ख़ातिर करूँ?"
उसने पूछा, "क्या तू है सच्चा?"
"क्या वफ़ा है, बहादुर है तू?"
"क्या वफ़ा है, बहादुर है तू?"
चलूँ और बुझाऊँ, बहकती चलूँ
मंज़िल से आगे मैं बढ़ती रहूँ
है ज़ोर मुझमें, या कमज़ोर हूँ?
मैं लड़ती रहूँ
जो बुरा है, जो भी है अच्छा
जो भी हूँ, रूबरू तेरी हूँ
ऐ वतन, है मन मेरा सच्चा
कि वफ़ा है, बहादुर भी हूँ
Lyrics provided by LRCLIB.
